
लोकसभा के चुनावी साल में चार राज्यों की करारी शिकस्त से हिली कांग्रेस ने डैमेज कंट्रोल के लिए लोकपाल का सियासी दांव चल दिया है।
समाजसेवी अन्ना हजारे के अनशन के बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकपाल को भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग का मजबूत हथियार बताते हुए संसद में विपक्ष समेत सभी दलों से मिलकर इस बिल को पारित करने का आग्रह किया।
उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस बिल पर संसद से मुहर लग जाएगी। जनलोकपाल आंदोलन को लेकर अनशन पर बैठे अन्ना ने भी राज्यसभा में पेश सरकारी लोकपाल बिल से सहमति जताकर यूपीए सरकार को राहत दी है।
कांग्रेस ने लोकपाल को लेकर जिस तरह से शनिवार को राहुल को मैदान में उतारा है, उससे अब सोमवार को इस बिल के राज्यसभा से हरी झंडी मिल जाने की उम्मीद है। भाजपा और लेफ्ट पहले ही कह चुके हैं कि वे बिना चर्चा के भी इस बिल को पारित करने के लिए तैयार हैं। ऐसे में संशोधित बिल को दोबारा लोकसभा से भी मंजूरी मिल जाना तय है।
शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में वित्तमंत्री पी चिदंबरम, कानून मंत्री कपिल सिब्बल, पीएमओ में राज्यमंत्री नारायण सामी व पार्टी महासचिव अजय माकन के साथ राहुल ने लोकपाल को लेकर पार्टी व यूपीए सरकार के रुख को मीडिया के सामने रखा। राहुल ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस के पास एक फ्रेमवर्क यानी खाका मौजूद है, जिसके तहत पहला कदम सूचना का अधिकार देकर उठाया गया था। दूसरा महत्वपूर्ण कदम लोकपाल हो सकता है। इस तरह के कुल सात कदम हैं।
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कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि चूंकि इस बिल पर व्यापक सहमति है, इसलिए सभी दलों को इसे पारित करने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि चार राज्यों में कांग्रेस की हार, अन्ना के अनशन व दिल्ली में आप पार्टी के धमाकेदार प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने लोकपाल बिल पारित कराने का फैसला किया। राहुल ने कहा कि इन घटनाओं से लोकपाल बिल का कोई लेना देना नहीं है। राहुल ने कहा कि लोकपाल विधेयक को पारित कराने के लिए हम एक साल से संघर्ष कर रहे हैं लेकिन संसद की कार्यवाही बाधित होती रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकपाल गंभीर हथियार है।
इस मौके चिदंबरम ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के हितों का खयाल रखने के लिए सरकार ने राज्यसभा की सेलेक्ट कमेटी की सिफारिशों में केवल दो-तीन बदलाव किए। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर लोकपाल पर देश में चल रही बहस के अनुरूप ही यह बिल है। सपा के विरोध पर चिदंबरम ने कहा कि उन्हें कुछ प्रावधानों पर आपत्ति हो सकती है। लेकिन सपा ने यह नहीं कहा कि लोकपाल नहीं चाहिए। जबकि सिब्बल ने कहा कि सीबीआई लोकपाल के अधीन काम करेगी। लोकपाल की अलग जांच और अभियोजन एजेंसी होगी। सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाने के जनता के सपने को पूरा कर रही है।
